माता-पिता की एक छोटी सी चूक की वजह से पैदा हो जाते हैं किन्‍नर, भूल से भी न करें ऐसा…

जो सभी लोगों के ज़हन में आते हैं। जैसे कि यह कैसे रहते होंगे? किस वजह से ये ऐसे पैदा हुए? और इनकी शारीरिक इच्छाएं क्या होती होंगी। आखिर क्‍यों इनका जन्‍म किर प्रजाति में ही हुआ, क्या ऐसा इनके मां-बाप में कमी के कारण होता है? आमतौर पर हर त्योहार और जश्न के मौकों पर जिस तरह हर धर्म समुदाय के लोग आपस में मिलते है उस तरह कि न्नर हर मौके पर नही आते। कि न्नर सिर्फ खास मौकों पर ही आते है।

मेडिकल साइंस के अनुसार, महिला के गर्भवती होने के तीन महीने के अंदर ही गर्भ में पल रहे शिशु का विकास होना प्रारंभ हो जाता है।इस दौरान शरीर के अंदर कई तरह की हारमोनल चेंजेस होते हैं जिससे बच्चे के कि न्नर पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है।बता दें, गर्भावस्था के बाद का तीन महीना काफी अहम होता है। कभी-कभार मां को बुखार की समस्या भी होती है जिससे राहत पाने के लिए कई बार हम अपनी जानकारी के मुताबिक कोई भी दवा ले लेते हैं।

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